
भारत एक सनातन राष्ट्र है और अनादि काल से कश्मीर भारत का ही अभिन्न अंग रहा है, कश्मीर किसी शेख परिवार के बाप की जागीर नहीं है । लगता है फारूक अब्दुल्लाह को कश्मीर में बह रही लोकतंत्र की खुली हवा रास नहीं आ रही है, फारूक अब्दुल्ला मुगालते में है कि आज का कश्मीर भी उसके बाप-दादा का गुलाम है और कश्मीर पर शासन करने का अधिकार उनके परिवार का है। लगता है 6 महीने की नजरबंदी में इसकी मानसिक हालत बिगड़ गई है इसीलिए आजकल चीन के सहयोग से कश्मीर को आजाद कराने के सपने देख रहा है।
मैं कहना चाहता हूं कि इसे और इसके बयान को मौन स्वीकृति देने वाले इसके समर्थक इस बात को अच्छी तरह समझ लें कि वर्तमान कश्मीर ही नहीं वरन पाक अधिकृत कश्मीर, गिलगित,बालटिस्तान और अक्साई चिन भी भारत का ही भूभाग है जिसे हम लेकर रहेंगे। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री Narendra Modi जी और गृहमंत्री आदरणीय श्री Amit Shah जी द्वारा जम्मू कश्मीर से गुलामी के प्रतीक धारा 370 को हटाकर जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर भारत के संविधान को लागू करने का कार्य किया है इसलिए फारूक अब्दुल्ला समझ जाएं कि अब कश्मीर भी भारत के संविधान से ही चलेगा।
अब तक फारूक अब्दुल्ला एंड कंपनी भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के विकास हेतु भेजे गए पैसे की बंदरबांट करके अय्याशी और मौज मस्ती काटने वाले नेताओं को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की भारत सरकार द्वारा लिया गया राष्ट्रवादी निर्णय पसंद नहीं आ रहा है। लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और पाकिस्तान की गोद में खेलने वाले आईएसआई के एजेंट अब चीन की गोद में बैठने को आतुर हैं और जिस चीन के भरोसे कब्र में पैर लटकाए यह फारूक अब्दुल्लाह बोल रहा है उसी चीन को भारत के वीर सैनिक रोजाना उसकी औकात बता रहे हैं। चीन ने अपने देश के मुसलमानों की क्या हालत कर के रखी हुई है यह बात यह चीनी एजेंट फारूक अब्दुल्ला क्या समझता नहीं है? और हां मैं फारूक अब्दुल्ला और उसके बेटे Omar Abdullah और इनके जैसे कश्मीर की आजादी का सपना देख रहे लोगों से कहना चाहता हूं कि अभी भी समय है गद्दारी का रास्ता छोड़कर भारत माता की जय का नारा बुलंद करते हुए अपने इस राष्ट्र विरोधी कृत्य पर भारत की जनता से माफी मांग लें। और यदि ऐसा नही कर सकते हैं तो इस देश को छोड़कर दुनिया में 57 इस्लामिक मुल्क और भी हैं, वहाँ जा सकते है या फिर जहां जाना चाहे वहाँ चले जाएँ।
वंदे मातरम ।। भारत माता की जय।।
गणतंत्र दिवस कि परेड के लिए भारत की सरकार को Dalai Lama जी को बुलाना चाहिए। यह कदम China की मुहं पर एक तमाचा होगा क्यूं की वोह POK में Pakistan को खुला समर्थन देता है।
बेटा पाकिस्तान तो अभी से डरने लगा 😂 क्योंकि 1971 की शुरुआत शुक्रवार से हुई थी और 2021 की शुरुआत भी शुक्रवार से हुई है😂😂
अब तो Narendra Modi Ji or Amit Shah Ji POK लाकर ही रहेंगे
